"A Hindu temple, also known as "Mandir" in Hindi, is a sacred place where Hindus worship and show their devotion to dieties through worship, sacrifice, and devotion. It is considered the house of the god to whom it is dedicated. A temple incorporates all elements of the Hindu cosmos — presenting the good, the evil and the human, as well as the elements of the Hindu sense of cyclic time and the essence of life — symbolically presenting dharma, artha, kama, moksha, and karma"
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पंचांग या शाब्‍दिक अर्थ है पंच + अंग = पांच अंग यानि पंचांग। पंचांग में समय गणना के पाँच अंग हैं : वार , तिथि , नक्षत्र , योग , और करण। ये चान्द्रसौर प्रकृति के होते हैं। सभी हिन्दू पञ्चाङ्ग, कालगणना के एक समान सिद्धांतों और विधियों पर आधारित होते हैं किन्तु मासों के नाम, वर्ष का आरम्भ (वर्षप्रतिपदा) आदि की दृष्टि से अलग होते हैं।हिन्दू पंचांग हिन्दू समाज द्वारा माने जाने वाला कैलेंडर है। यह लगभग पूरे भारत में माना जाता है। इसकी गणना के आधार पर हिंदू पंचांग की तीन धारायें हैं, पहली चंद्र आधारित, दूसरी नक्षत्र आधारित और तीसरी सूर्य आधारित कैलेंडर पद्धति।
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उत्सव या पर्व या त्योहार एक समुदाय द्वारा मनाया जाने वाला एक असाधारण घटना है और उस समुदाय और उसके धर्म या संस्कृतियों के कुछ विशिष्ट पहलुओं पर केन्द्रित है। विश्व में भारत ही ऐसा देश है जहां पूरे वर्ष पर्व एवं त्योहार मनाए जाते हैं। भारत में त्योहार अपने साथ उत्साह और खुशी की लहर लेकर आते हैं। चाहे वसंत का आगमन हो, या फसलों की कटाई या कुछ और, आपके पास जश्न मनाने के कारणों और मौसमों की कभी कमी नहीं होगी। राज्यों के हिसाब से भी विभिन्न प्रकार के त्योहारमनाए जाते हैं। हमारे त्योहारों की चमक पूरा विश्व देखता है
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  • जय गणेश देवा
  • ॐ जय जगदीश हरे
  • आरती कुंजबिहारी की
  • श्री राम जी की आरती
  • जय सरस्वती माता
  • जय अम्बे गौरी
  • जय गंगे माता
  • श्री सत्यनारायणजी की आरती
  • आरती हनुमान लला की
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  • जय गणेश देवा
  • ॐ जय जगदीश हरे
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  • गणेश जी के भजन
  • माता जी के भजन
  • राधा जी के भजन
  • राम जी के भजन
  • शिव जी के भजन
  • श्याम जी के भजन
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ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्। पहला अर्थ: हम पृथ्वीलोक, भुवर्लोक और स्वर्लोक में व्याप्त उस सृष्टिकर्ता प्रकाशमान परमात्मा के तेज का ध्यान करते हैं। हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की तरफ चलने के लिए परमात्मा का तेज प्रेरित करे।
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